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आह छोड़ दीजिए , दर्द हो रहा है

एक अंधेरे कमरे में एक आदमी एक औरत बेड पर एक दूसरे से लिपटे हुए थे । उस कमरे में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था पर उस कमरे में कामुक आवाज़ें सुनाई दे रही थी ।

आह हर्ष , आह धीरे धीरे आह आह ।

पर सामने से कोई जवाब नहीं मिल रहा था। बस उस लड़की की कामुक सिसकिया चीखों में बदलने लगा । थोड़ी देर बाद वो रोने लगी, रोते हुए बोली, "लीव मी हर्ष लीव मी। मैं और हैंडल नहीं कर सकती प्लीज़ छोड़ दो । "

पर सामने से उसे कोई जवाब नहीं मिला बस वो चीखती रही । खुद को छोड़ने की भीख मांगती रही । आखिर का दर्द ना बर्दाश्त कर पाने की वजह से बेहोश हो गई ।

उसके बेहोश होने के बाद वो आदमी उस लड़की से झटके से अलग हुआ । और गुस्से से वॉशरूम की तरफ बढ़ गया पर जाने से पहले उसने किसी को मैसेज करके उस मैस को क्लियर करने केलिए कह दिया ।

थोड़ी देर बाद कुछ कुछ लोग उस कमरे में आए और उस लड़की को खींच कर ले गये ।

जब के वो आदमी अब भी शावर के नीचे खड़ा खुद को शांत करने की कोशिश कर रहा था ।

उसके कानों में बस कुछ आवाज़ें सुनाई दे रही थी । हा मैने तुम्हे धोखा दिया क्योंकि तुम एक रोबोट हो तुम्हारे लिए तुम्हारा काम तुम्हारे पेशेंट तुम्हारी सो कॉल्ड डिग्निटी ही मायने रखती है । पर मेरा क्या ? मेरी भी मेरे लाइट पार्टनर से कुछ उम्मीदें है। मैं भी बहुत कुछ चाहती हु लाइफ से पर नहीं तुम्हे मेरे इमोशन से कोई matlab ही नहीं था । इसीलिए अब मैने भी अपनी खुशी किसी और में ढूंढ ली है । और एक बात अपने दिमाग में डाल लो कोई भी लड़की तुम्हारे साथ नहीं रह सकती कोई भी नहीं । क्योंकि तुम एक इंसान नहीं हो जिसे किसी की फिलिंग से फर्क पड़ता है । तुम एक जानवर हो जो जीता तो है पर उसे पता ही नहीं होता के लाइफ का मज़ा कैसे लिया जाता है ।

देखो मुझे मैं तुम से अलग होकर भी कितनी खुश हु । हा हा हा।

वो बस उस लड़के पर हस रही थी ।

तभी शावर के नीचे नहा रहा आदमी गुस्से से पागल होने लगा उसने अपने हाथ का मुक्का बना कर दीवार में दे मारा और गुस्से से बोला," नहीं नहीं मैं तुम्हे कभी जितने नहीं दूंगा । मैं तुम जैसी लड़कियों को जो लड़कों को बस इस्तेमाल करना जानती है उन्हें ऐसा सबक सिखाऊंगा के वो कभी भी किसी मर्द के बिस्तर पर जाने का नहीं सोचेंगी । "तुम जैसी लड़किया किसी का सच्चा प्यार डिजर्व ही नहीं करती । नफ़रत है मुझे औरत ज़ात से नफरत करता हु मैं ।

वो गुस्से से अब वॉशरूम से बाहर आया । गुस्से से अपने कपड़े पहने और बाहर अपनी कार में बैठ का। निकल गया ।

दूसरी तरफ ,

एक मासूम सी लड़की जो दिखने से ही लग रहा था वो कुपोषण का शिकार है शायद उसे सालों से बराबर खाना पीना नहीं दिया जाता था । वो कमरे में बैठी सिसका रही थी । शायद उसे थोड़ी देर पहले बेरहमी से पिटा गया था ।

तभी कमरे में एक 27 साल का आदमी आया । उस लड़की को देखते हुए बोला, कितनी मासूम हो तुम , क्यों इन जालिमों का टॉर्चर झेलती हो । मैं तुम्हारी मदद करता हु । बस मेरी बात मान लो और मुझे खुश कर दो । तुम जो कहोगी मैं तुम्हे दूंगा । अच्छा खाना अच्छे कपड़े सब कुछ । बस मेरे बिस्तर पर आओ मुझे खुश करो ।

वो लड़की डरते हुए खुद में सिमटने लगी । और बोली, ब ब भाई प प प्लीज़ यहां से चले जाइए वर्ण दी गुस्सा होंगी ।

वो लड़का ज़ोर ज़ोर से हंसते हुए बोला, अति तुम कितनी मासूम हो । तुम्हे समझ में नहीं आता वो लोग तुम्हारे कोई नहीं है । बस तुमसे तुम्हारा सब कुछ छीनना चाहते है । तुम मेरी बात मान लो मेरी हो जाओ मैं तुम्हे यकीन दिलाता हु यह सब कुछ सिर्फ हमारा होगा । तुम ऐश करना मैं तुम्हारी पूरी प्रॉपर्टी और तुम्हारा अच्छे से ध्यान रखूंगा ।

वो लड़की सिसकते हुए बोली, " न न नहीं आ आप दी के होने वाले पति है । हम से दूर रहिए आप । वरना दी हमे बहुत मारेगी ।

वो रोने लगी ।

जब में वो आदमी उसके करीब आने की कोशिश कर रहा था । वो अति के ऊपर झुकते हुए बोला, मैं तुम्हारे सारे दर्द खत्म कर दूंगा बस मेरा साथ दो । इतना। बोल कर वो अति के करीब जाने लगा ।

पर तभी कमरे में एक लड़की आई और गुस्से से बोली, क्या हो रहा है यहां।

आदित्या आप इसके साथ क्या कर रहे है । आदित्या जल्दी से अति से दूर हुआ और बोला, जान तुम ग़लत समझ रही हो । मैं तो बस यह सब तुम्हारे लिए कर रही थी। ।

वो लड़की जिसका नाम अदिति थी वो दिखने में भी ही ज्यादा खूबसूरत नहीं थी । पर खुद को हूर की परी समझती थी वो बहुत स्टाइलिस्ट थी । उसे ऐसा लगता था वो दुनिया। में सब से खूबसूरत है और पूरी दुनिया उसके पीछे पागल है । वो गुस्से से बोली, क्या कहना चाहते है आप आदित्या। । आप मेरे लिए इस मनहूस में करीब जा रहे थे ।

आदित्या हंसते हुए बोला, हा जान मैं तुम्हारे लिए इस लड़की को सबक सिखा रहा था । आखिर इसकी वजह से ही तो तुम्हे गुस्सा आता है और तुम गुस्से में बिल्कुल अच्छी नहीं लगती तुम तो बस प्यार करने केलिए बनी हो बस वही डिजर्व करती हो। इसलिए मैं इसे सबक सिखाना चाहता था ताकि तुम इसकी वजह से खुद को हर्ट मत करो ।

अदिति खुश होकर उसके करीब आई और उसके सीने से लग कर बोली, " आप ही मेरे लिए पार्फेट है आदित्या आप देखना इसका मैं क्या करती हु । और आपको इसे खुद सबक सिखाने की ज़रूरत नहीं है । जब इसे कुछ दिन खाना नहीं मिलेगा ना देख लेना यह कैसे सीधे होती है । इसकी औकात हमारे नौकर बनने की भी नहीं है पर यह जान बुझ कर हमारे सामने आकर हमें परेशान करती है । इसे तो मॉम ही ठीक करेंगी ।

वो आदित्या को अपने साथ खींचते हुए ले गई ।

जब के अति रोते हुए डर से खुद में सिमट गई । वो सिसकते हुए बोली, " mamma , डेडा आप हमे छोड़ कर क्यों चले गए । क्या हम सच में मनहूस थे । इसीलिए आपने भी है छोड़ दिया । वो सिसकते हुए सो गई । क्योंकि उसको खाना देने वाला या उसकी केयर करने वाला कोई नहीं था । ।

वर्धान हॉस्पिटल मुंबई ,

एक कांफ्रेंस हॉल में। बहुत सारे डॉक्टर बैठे हुए थे । इस वक्त वो सब थोड़े घबराए हुए थे । क्योंकि उनके हॉस्पिटल में आज एक लापरवाही हुई थी और उन्हें आज उनके हॉस्पिटल के डीन मिस्टर वर्धन का सामना करना था ।

इसीलिए आज सब को बुलाया गया था।

तभी कांफ्रेंस हॉल में , दो लोग अन्दर आए एक थे मिस्टर वर्धन और दूसरा था हर्ष ।

एक के चेहरे पर गुस्सा था तो दूसरे के चेहरे पर कोई इमोशन ही नहीं थे । वो दोनों ही बाप बेटे थे । दिखनें में एक जैसे थे । टेलेंट भी एक सा था । पर अब हालात ने उन्हें बदल दिया था । जहा अब हर्ष को किसी से मतलब ही नहीं था। वही वर्धान जी अब भी सब कुछ संभालने की कोशिश कर रहे थे ।

वो दोनों हॉल आए और अपनी अपनी जगह पर बैठ गए । अब उस कमरे में शांति थी । वर्धन जी ने एक गहरी सांस ली और बोले ," आखिर यह लापरवाही हुई तो हुई कैसे ।इतनी बड़ी सर्जरी पर तुम लोगों की लापरवाही की वजह से एक अच्छे खासे पेशेंट को कोमा में पहुंचा दिया । क्या तुम लोगों अहसास भी तुम्हारी वजह से हॉस्पिटल की कितनी बदनामी होगी । "

सब ने अपना सर झुका लिया ।

तभी हर्ष बिना किसी एक्सप्रेशन के बोला, "सो व्हाट डैड हो जाता है कभी कभी । आप इसे हैंडल कर सकते है फिर मेरा टाइम वेस्ट क्यों किया ।" वो खड़ा हुआ और कांफ्रेंस हॉल से। चला गया । पर पीछे छोड़ गया अपने डैड को गुस्से में ।

वो गुस्से से बोले , "तुम कब सुधरोगे हर्ष कब ? "

तो दोस्तो क्या बदलेगा हर्ष । और क्या हुई उसकी लापरवाही की वजह जानने केलिए। मेरी कहानी को फॉलो कीजिए डेविल डॉक्टर । मेरे यानी आपकी दोस्त नाजमीन खान के साथ । अलविदा

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